मंगलवार, 1 अगस्त 2017

ये बेहद खास ही मेरे लिए

कभी कभी  चीज़ों के जबाब हमारे पास नही होते ये दरअसल इसलिए होता है क्योंकि असलियत में हम जबाबो को चाहते ही नही है
रिस्ते केवल सवाल होते है जिनके जवाब मिलते ही हमारे  रिस्ते नाज़ुक धागों से टूट जाते है।
सीधे कहूँ तो रिस्ते सवालो पर ही टिके रहते है उन सवालों के जबाब न खोजे बस उन सवालों के मज़े लेते रहे

यार पिछले स्टॉप पे कुछ ज्यादा ही आराम कर लिया एक बस छूटने के बाद ये दूसरी बस पकड़ी है बिलंब से आने के लिए माफी चाहता हूँ आपकी प्रतिक्रियाए हम लोगो के लिए साँसे होती है उन साँसों को देते रहे
चलिए फिर से सवार हो जाते है अपनी गड्डी में ।

इस बार के पहले शिकार है नमन कुमार भिंड वाले
नमन भिंड - दस्युप्रदेश चम्बल की फसल होने के कारण खून का रंग कुछ ज्यादा ही गाड़ा और लाल है
भैया जी की कहानी कुछ यू है कि है तो ये चम्बल के पर जाने इन्हें कैसे विधर्भ रास आ गया । अब आप ये सोच रहे होंगे कि भिंड ओर महाराष्ट्र का ये कैसा रास तो बो ऐसा है कि हमारे स्मारक में सारे प्रान्त के लौंडे आते है और घुलमिल जाते है ऐसा ही इनमे भी हुआ पर ये जोड़ी कुछ खास थी कई मायनों में ये सबसे ज्यादा प्रचलित जोड़ी रही हमारे किलास की
बेसे भैया जी पढ़ाई में ठीक ठाक थे पर प्रेम करने में जमाजोर माहिर एक बार एक शेर फेका था बही उगलता देता हूं

"जब दिल डूबने की कगार पर हो
ओर मेरे मोबाइल में एक धुन के साथ
उनका नाम स्क्रीन पर आ जाए
आय हाय
कोई तो नमन के चेहरे की मुस्कुराहट तो देखो"
भगवान की दुआ से इनके स्वभाव की बड़ी खासियत ये है कि ये जल्दी किसी के सामने खुलते नही है पर खुल जाए तो अपना बनाकर ही छोड़ते है
चलो तो भैया जी की कथा खत्म पैसा हैं
बोलो दस्युरानी फूलन देवी की जय

                    क्रमशः आग्रह पर
                         पीयूष शास्त्री
                         गौरझामर