एक लड़का रात के बारह बजे आया और लगभग चिल्लाते हुए बोला
उसने बातचीत बंद कर दी इल्ज़ाम था टॉपिक नही है बतियाने को ,!साला टॉपिक लाकर प्यार करना है या राजनीति|
हम चुप ही थे लेकिन ये सुनके हँस पड़े। हमें का पता था कि ये मैटर थोड़ा सीरियस वाला है(लड़के का अभी ब्रेकअप हुआ था) हमारा हँसना था कि लड़का नाराज़ हो गया और रूम से बाहर भाग गया और हम का करते सो ओढ़ रजाई सो गए पर लड़का तो नाराज़ था सो अंगले दिन मोहन जी की कड़क कॉफी पिला के मना लिए । अब क्या है कि अपने इंडिया में जाने कित्ति सारी परेम कहानी एसई टॉपिक खत्म होने पे टूट जाती है ये लड़का भी अपनी जिंदगी की पहली परेम कहानी खत्म हो जाने पर बड़ा सीरियस वाला दुखी हो गया और फिर उसने डिसाइड किया कि वह अपने टॉपिक के दम पर अपनी बहुत सी परेम स्टोरी बनाएगा कुछ सालों बाद उसने कई परेम स्टोरी बनाई और बहुत साल बाद वह लड़का मेरे पास फिर आया और बोला बाबा भाई इन लड़कियों को सिर्फ एक चीज़ चाहिए परेम के नाम पर बाते और केवल बाते हम आश्चर्यचकित थे लड़के की उन्नति पर
कहानी खत्म पैसा हज़म
नोट-इस कहानी का विशाल ग्वालियर से कोई संबंध नही है
ओह हाँ तो इस बार एक ज़िंदा इंसान का परिचय देने का मन बनाये है पर ये मछली जरा बडी है छोटे जाल आएगी नही। इसलिए आधा अधूरा ही मिलेगा परिचय तो उस जिंदादिल खूबसूरत हसीन शख्स का नाम है विशाल ग्वालियर
विशाल ग्वालियर - इसकी कहानी शुरू होती है महाराष्ट्र से इनके पूर्वज मराठी थे पर बचपन मे ही इन्हें ग्वालियर आना पड़ा और फिर ग्वालियर में ही बस गए फिलहाल इनका ठिकाना सोडे के कुए के पास किले अंदर सबसे पुराना अड्डा है जहाँ इस सरकार का कुछ न हो पायेगा और आजाओ कमीनो सबको तोड़ दूंगा जैसे मंत्र जाप में बोले जाते है। आप जब मिलेंगे लड़के से तो पता चलेगा इसके खून में जरा ज्यादा गर्मी है इसका भी एक राज है होंगे फ्री तो खोलेंगे वह राज पूरे इत्मीनान से।
लड़का होनहार है और प्रतिभा तो कूट कूट के भरी है अब बो अलग बात है कि उसे जरा बारीक कूट दिया कि बाहर निकल ही नही रही
ग्वालियर की गलियों से अमायन और फिर अमायन से खनियाधाना तक का सफर आसानी से हो गया और सारे बालकांड यहाँ सहेज लिए गए ओर आप अगर जायेगे अतीत की गलियों में जहाँ काले कुत्ते रहते है तो पाएंगे कि जिंदादिल इंसान को जिंदा होने में कितना कुछ सहना पड़ता है (सॉरी डोंट वी सीरियस पीयूष)
हाँ तो एक बार अतीत की राहे जिनमे काले कुत्ते रहते है उन कुत्तो ने विशाल को घेर लिया फिर क्या हमने गली के बगल बाले घर से रस्सी डालकर विशाल को 14 इंजेक्शन लगवाने से बचा लिये।
बंदा बड़ा शरीफ है आप इसकी शराफत का अंदाज़ा इस बात से लगा सकते है कि जहाँ भी ताज़ा बना फर्श देखते है तो धीरे से अपनी चप्पलों के निशान छोड़ आते है ।
दरअसल इस लड़के का कहना है कि अच्छी बातें तो सबको अच्छी लगती है पर जब किसी की बुरी बात भी अच्छी लगने लगे तो समझ लेना कि प्यार नही हुआ है बे बेज़्ज़ती सहने की आदत हो हो गई है।
विशाल लोगो की भावनाओं का रायता बनाता है और फिर लोग विशाल की भावनाओ का मुरब्बा बना देते है btw विशाल चल रहा है मै चल रहा हूँ मै रुक रहा हूँ विशाल रुक रहा है हम दोनों अपनी तरह चल रहे है अपनी तरह रुक रहे है
चलना और रुकना एक क्रम है जो चल रहे और चले ही जा रहा है
दोनों को ही एक दिन मुकम्मल रुकना है अब देखना ये है कि हममें से पहले कोन रुकता है
एक ऐसा दोस्त जिस पर आप हमेशा आंख मूंद कर भरोसा कर सकते है खास तौर से जब आप किसी से भिड़ने जा रहे हो । एक ऐसा भाई जिसे आप कभी भी गले लगा सकते है हा हम लड़े और खून निकलने तक लड़े पर अँगली सुबह मिले तो बही बदमिजाज और खुले अंदाजों में एक दूसरे को गाली देते हुए साथ ही मन मे लड़ाइयों को भूलते हुए
भाई बड़ा मितव्ययी है क्योंकि एक बार
भाई ने इजहार ऐ इश्क़ कर दिया टेलीफोन से
लाख रुपये की बात थी दो रुपये में हो गई
अगर खूबसूरत होना गुनाह है तो ये बंदा गुनहगार है
और चेहरे की खूबसूरती से ज्यादा सुंदर है इसका दिल जो किसी को भी इसका दीवाना बना देता है।
फिलहाल भी से एक बात कहूंगा
जब तक आप अपनी औकात से भिड़ नही जाते
लोग आपको आपकी औकात याद दिलाते रहेंगे
उन्नत भवः
।। पीयूष शास्त्री।
गौरझामर
क्रमशः
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