रविवार, 15 अक्टूबर 2017

लिखना ऐसे होता है

नोट - मेरे जिगरी यारो कलेजो  आज ये नोट आप सबके लिए । आप समाज के सामने ,लोगो के सामने अपने विचारों को लाना चाहते है बदलाव लाना चाहते है इसका सबसे बेहतरीन माध्यम है लेखन । ये प्रक्रिया आपको एकदम से सबके सामने  नही लाती बल्कि इसका असर धीमे लेकिन गहरा होता है । इसलिए आप सब भी लेखन में जरूर हाथ आजमाए ।              

        खेर ये बात पढ़के आप में से कुछ लोगो को लिखने की बात दिमाक में आई होगी कि हम भी लिखना चाहते है पर अपन से अच्छा लिखते कहाँ बनता है लोगो के सामने कुछ भी लेख आएगा तो हँसी उड़ाएंगे । तो ये बात आप भूल जाइए आप बस लिखना शुरू कर दीजिए।     
    
   *लिखने के शुरुआत की कोई तैयारी नही करनी आप बस लिखना शुरू कर दीजिए औंधा सीधा जैसा भी हो।। 

  *आप परवाह मत कीजिये कि लोग क्या कहेंगे  । हर कोई पैदा होते ही नहीं बोलने लगता आप भी लिखते समय बेहतर प्रयास करे पर एकदम से परफेक्ट होने की कोशिश न करे । इसमें वक्त लगता है इसलिए शुरुआत कर दे बस कही से भी कभी भी।।       
   
* आप बस लिखे बिना किसी परवाह के बिना किसी भय के  ।।              

*लेखन का असर धीरे पर पुख्ता होता है इसलिए आप इसे अपना माध्यम बना लीजिए ।

जो आपके लिए आपके विचारों में किरान्ति ला देगा नया पन ला देगा ।      शुभकामनाओ सहित     ।।  

      पीयूष शास्त्री। 
        गौरझामर
        #बाबा

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