कुछ खुशनुमा चीज़े आपको असली खुशी देती है आप कभी भी उन्हें याद कीजिए आपके चेहरे पर हँसी की पतली फुहार हो जाती है बस ऐसी ही है मेरी क्लास मंगलमस के लिए की गई ये सीरीज *ये बेहद खास है मेरे लिए* जो मुझे एक अलग दुनिया में ले जाती है और हर लेख के साथ मेरी खुशी मैं तरक्की हो जाती है।
आज एक बंदे को खुलेआम लाना चाहते है अमा यार सोफा लगेगा इसे कुर्सी से काम न चलेगा ☺ हओ तो कहानी है एक दस्यु प्रदेश में रहने वाले अनुभव की
पूरा नाम अनुभव जैन भिंड(आजकल शास्त्री हो गए है)
हाँ तो जनाब ए आली पेश ए नुमाइश है *अनुभव जैन भिंड* (तालिया👏)......चल यार तू थाली में पुलाव भर मैं पनीर भरता हूँ ध्यान से आइसक्रीम जरूर ले लिय्यो बे बाकी दूल्हे को लिफाफा बाद में दे देंगे ये था हमारा अनुभव । एक बार एक लड़के ने कहा था कि बेटे *जेब में पैसा ,पेट में खाना ,हाथ में आइफोन ,कमरे स्लिप्ट एसी और पिछवाडे के नीचे सोफा हो तो ओशो क्या आसाराम की भी बातें अच्छी लगने लगती है बे गुड्डू* इत्ति ज्ञान की बात अनुभव के अलावा कर कोन सकता था ।
खेर अनुभव के अनुसार जीवन को आसान बनाने के लिए छोटी छोटी चीज़ों को भी अच्छे से संयोजित करने की जरूरत होती है ।
लड़के का कहना है कि काम करने से पहले सिर्फ एक बात ध्यान रखे कि जो पेट नाम की चीज़ है इसे खाद्य सामग्रियों से भर ले । खाद्य से याद आया अनुभव से बेहतरीन चिप्सखोर इंसान आपको स्मारक में ढूंढने से न मिलेगा,
भाई को चिप्स बेइंतहा तरीके से पसंद है यहाँ तक कि लड़का सपने में लड़कियों को गुलाब के फूल के बजाय दही में डूबे चिप्स को दिखा के प्रपोज कर चुका है ।
लड़का का असल जीनियस तो ये है कि वो कहता है कि *क्या बनोगे ? इससे बेहतर है ये जानना की कैसे जिओगे कुछ बनने से महत्वपूर्ण है जीना* ।
छोकरे ने स्कूली लाइफ को जरूर पढ़ाई में जिया हो पर कॉलेज वाली लाइफ को असल मे जिया है पर ये आज भी राज ही कि इतनी मस्ती के बाबजूद अनुभव के नंबर पेपर में कैसे अच्छे आते थे ।
खेर लड़का कहता है कि सबसे बुरा है कोई ख्वाब का न होना पर उससे बदतर है झूठे ख्वाब में संतुष्ट होना ।
अनुभव की अलग अलग क़्वालिटी है पर इन सबमें बेहतर बात ये है कि वो अनुभव है और यह बात अनुभव को अनुभव बनाती है ।
लड़के ने एक बार कहा था कि बाबा दूसरे में खुद का अक्स ढूंढना सबसे बड़ा पागलपन है और जो ऐसा करता है वो अक्सर भीड़ में खो जाया करता है तुम तुम हो इसी में तुम्हारी बड़ाई है अगर दूसरे में अपना अक्स खोजने गए तो अपना अक्स मिटा बैठोगे । ये बात तब बिल्कुल पल्ले न पड़ी तो खिसिया के उससे कहा हओ तेरे लिए चिप्स ले आया हूं बन्दा खुश और मैं रफूचक्कर ।
लास्ट टाइम जब दही चिप्स से बात हुई तो उसने कहा कि भाई सर्दियों में दिन छोटे और रात बड़ी होती है लेकिन जब सुबह रजाई छोड़कर उठने का टाइम होता है न तो अंग्रेजी में पढ़ा ये चैप्टर भी चूतिया नज़र आता है ।
बाकी बंदे का कहना है कि सुंदर होना भी एक बला है प्रोपजल देने पर भी शक के दायरे में रहती है ।
और अंत मे
वक्त के साथ हम भी बदल जाते तो अच्छा था
बहुत अरमान थे दिल में निकल जाते तो अच्छा था
जहाँ भी गए है मिले बस चाय के साथ बिस्कुट
समोसे और पोहे भी मिलते तो अच्छा था
अनुभव को समर्पित
पीयूष शास्त्री
गौरझामर
मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
अनुभव भिंड
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